जोस हिजोको छैन साथी/
होस हिजोको छैन साथी//
दुख्छ हृदय आनायासै,
दोस हिजोको छैन साथी//
देह गलेर भयो पानी,
ठोस हिजोको छैन साथी//
जल्दा मन यो सितल त्यो,
ओस हिजोको छैन साथी//
पुग्छु क्यार अब चिहान ,
कोस हिजोको छैन साथी//
कल्पना राई
दोलखा नेपाल
हाल दक्षिण कोरिया